- Sony Entertainment Television’s MasterChef India concludes on a high note; Vikram & Ajinkya crowned Winners
- अगले एक साल में 62% महिलाएँ क्रिप्टो में निवेश की योजना बना रही हैं: CoinSwitch सर्वे
- Women’s Day Special! Actresses Who’ve Anchored Women-Centric Narratives in Films
- Pratibha Ranta Reveals the Reason Behind Choosing Accused as her Second Film After Laapataa Ladies: Didn’t want to repeat myself, it felt right
- technology should accelerate creativity, not restrict it: Ritu Shree
निवेश के नाम पर करोड़ो की धोखाघडी करने वाली गैंग का सरगना पकड़ाया
राउ पुलिस ने अब तक 24 लाख नगद और एक करोड़ की संपत्ति जब्त की
इंदौर. फर्जी एडवाइजरी कंपनी चलाकर निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ो की धोखाघडी करने वाली गैंग के सरगना को राऊ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी सरगना के कब्जे से 11 लाख रुपये नगद और सोने की ज्वैलरी, कीमती घडिया जब्त की गई. प्रकरण की विवेचना के दौरान अब तक कैश 24 लाख नगदी तथा लगभग 1 करोड से ज्यादा की संपत्ति जप्त की गई है एवं 24 खाते को फ्रीज कराये गये है जिसका विश्लेषण किया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार राऊ थान में आवेदक रायफल मैन सौरभ कुमार मिश्रा 19वी आसाम रायफल कम्पनी ने उनके साथ शेयर बाजार में कुल 3,78,000 रुपये निवेश करवा कर धोखाधड़ी की शिकायत की थी. मामले में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में राऊ पुलिस ने तुरन्त कार्रवाई करते हुए आरोपी कैलाश पिता देवीदिन मोर्या, कपित उर्फ रोहित पिता किशोर हार्डिया, दिपक पिता मुद्रिका प्रसाद तिवारी, यज्ञदत्त पिता मोहनलाल शर्मा , मुरली पिता सुदामा पाटनकर, अनिल यादव, अमित पिता विरेन्द्र जोशी , विनोद तिवारी, विशाल पिता उमेश जयसवाल, प्रकाश पिता पूर्णानंद भट, दिलीप उर्फ दीपू पिता चन्द्रकुमार चैलानी उर, अनुराग उर्फ बिट्टू पिता शिवनारायण मिश्रा और दीपू उर्फ रानू मिश्रा पिता शिवनारायण को गिरफ्तार किया गया.
पुलिस ने उक्त आरोपियो के कब्जे से नगदी 13 लाख रुपये, 25 मोबाईल, 10 लेपटाप, 2 गाड़ियां, प्लाट, फ्लेट्स, ज्वेलरी, इम्पोर्टेड घड़ियां, 50 से ज्यादा क्रेडिट कार्ड एवं डेबिट कार्ड जब्त किये गये. इनके खातों से लगभग 5 करोड़ का ट्रांजेक्शन होना पाया गया. इसी कडी मे मुख्य सरगना सरगना पवन तिवारी उर्फ कमल तिवारी पिता राजनाथ तिवारी निवासी ग्राम चौरा थाना बैकुण्ठपुर जिला रीवा को भी गिरफ्तार कर उसका पुलिस रिमाण्ड लेकर पूछताछ की गई. उसने बताया कि उसके घर पर एडवाईजरी के रुपये रखे हुए है.
11 लाख नगद व महंगी घड़ी जब्त की
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 11 लाख रुपये नगद जब्त किए, जिसमे 500 की 20 गड्डियां औक 100 की 10 गडिया जब्त की गई. एक लेपटाप, ज्वैलरी, टायटन, स्केगान, कंपनी की महंगी घडियां तथा 12 मोबाईल जप्त किये गये. इनका उपयोग आरोपी द्वारा अपनी टीम के सदस्यो को कॉल करने के लिए किया जाता था. आरोपी उक्त मोबाईल एवं सिम को उपयोग एक या दो बार करने के उपरान्त उन्हे फेंक देते थे. आरोपी से पूछताछ जारी है.
लेपटॉप पेन ड्राइव में मिला पीड़ितों का डाटा
मामले में आरोपी पवन के पास से जप्त लेपटॉप और पेन-ड्राईव का डाटा चैक करते हुए उसमें और भी पीड़ितों के नाम व मोबाईल नंबर आये है, जिनसे सम्पर्क कर शिकायत दर्ज की जा रही है. असरफ नाम के पीडित ने बैगलुरु में सायबर क्राईम ब्रांच में प्रकरण दर्ज करवाया. उससे चर्चा में उसने अपने साथ 30 लाख रुपये की धोखाधडी होने की जानकारी मिली. उक्त आरोपियो के द्वारा ही असरफ के साथ धोखाघडी की गई. इन्हीं खातों का उपयोग आरोपियो द्वारा किया गया है.
एक अन्य पीडित अजहर जो कि भारतीय सेना के आर्टीलरी रेजीमेन्ट मे कैप्टन के पद पर पदस्थ है. उनसे चर्चा में पता चला कि एवाय ट्रेडर्स एसोसियेट द्वारा उसके साथ में लगभग 6 लाख रुपये से ज्यादा निवेश के नाम ट्रांसफर करवा लिये गये. टिकू नामक व्यक्ति जो भारतीय सेना में गोवा में पदस्थ है उसके साथ भी आरोपियो द्वारा निवेश के नाम एक लाख रुपए की धोखाधडी बैगलुरु में की गई. बैगलुरु के एक अन्य पीडित वीणा गोविन्दप्पा के साथ भी निवेश के नाम से 6,60,000 रुपये की धोखाघडी की गई है.इसी तरीके से और भी अन्य लोगो के साथ धोखाधडी की गई है ।


